Thursday, February 12, 2015

शराब से हो रही जन धन की हानि

                         शराब से हो रही जन धन की हानि


इस दौर में जहाँ लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ आन्दोलन कर रहे हैं. वही शराब की बढ़ती मांग व खुल रहे गैर क़ानूनी ठेके इस बात का प्रमाण है कि सिर्फ अच्छे कार्यों में ही भ्रष्टता नहीं है. बल्कि शराब जैसे मादक पदार्थ में भी भ्रष्टाचार व्याप्त हैं, जिसमें धन की तो हानि होती हैं ही जन की भी हानि होती हैं. कहते हैं न कि अति हर चीज की बुरी होती हैं. शराब भी ऐसा मादक पदार्थ हैं, जिसका ज्यादा सेवन लोगों के लिए दुखदायी होता है. यह अनेक शारीरिक रोगों को उत्पन्न करती हैं व हमारे दिमाग पर भी असर करती हैं. माना कि शराब सरकार की आय का बहुत बड़ा हिस्सा मिलता है, फिर भी शराब को अवैध तरीके से बाज़ार में लाया जाता हैं. कई बड़ी कम्पनियों द्वारा शराब का उत्पादन किया जाता हैं. राष्ट्रीय पर्वों पर भी शराब पर रोक लगाई जाती हैं,, किन्तु फिर भी ब्लैक में शराब बेचीं जाती है. शराब पीने के लिए भी सरकार ने एक समयसीमा निर्धारित की, किन्तु ऐसा कुछ निर्धारित नही है कि लोग इस समयसीमा का ध्यान रखे. करने वाले हर कार्य उम्र को ध्यान में रखकर नही करते. काफी समय पहले बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान ने कोर्ट में याचिका दाखिल की थी की शराब पीने की उम्र कम की जाये. क्योकि जब वोट डालने की सीमा १८ वर्ष है तो इसकी क्यों नहीं.
                                          बात यहां पर शराब की हानियों को लेकर नहीं की जा रही और न ही उसे पीने के अधिकार की है. बल्कि आज के समय में १०० में से १० लोग ही ऐसे होंगे जो अपने अधिकारों व अपनी स्वतंत्रता की गरिमा को समझते है तथा उनका सही उपयोग करते है. जब हमारे मौलिक अधिकारों के बारे में किसी को कोई समझ नहीं, तो शराब पीने के अधिकार को क्या समझेगा. आज तो सबके अपने नियम कानून बन गये हैं. कुछ लोग इसमें बदलाव लाना चाहते हैं और कुछ सोचते हैं की  जैसा चल रहा हैं वैसा चलने दो. हमे चाहिए की हर चीज को स्पष्टता से समझे फिर विचार करे. शराब का व्यवसाय सरकार की  जड़ों में समाया है जिसका कोई निराकरण नहीं है.

No comments:

Post a Comment